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मुख्यपृष्ठSCHOLARSHIP6 February 12th Hindi Answer Key 2026

6 February 12th Hindi Answer Key 2026

education plus job फ़रवरी 05, 2026 0

 6 February 12th Hindi Answer Key 2026






SUBJECTIVE QUESTION ANSWER -


1. ‘लहना सिंह’ का चरित्र-चित्रण करें।

उत्तर: लहना सिंह “उसने कहा था” कहानी का नायक है। वह एक बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही है। बचपन के प्रेम को याद रखते हुए, उसने सूबेदारनी को दिए गए वचन को निभाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दे दिया। उसका चरित्र वीरता, त्याग, ईमानदारी और वचनबद्धता का अनूठा संगम है, जो पाठकों को गहराई तक प्रभावित करता है। 

 

2. “विजय उत्सव मना रहे लोगों” को मरे हुए लोगों तथा सैनिकों का जरा भी ध्यान क्यों नहीं है?

उत्तर: यह प्रश्न कविता “हार-जीत” से है। कवि इस पंक्ति के माध्यम से बताना चाहते हैं कि विजय के नशे में चूर सत्ताधारी वर्ग और आम जनता मरे हुए सैनिकों के बलिदान को भूल जाती है। वे केवल जीत का जश्न मनाते हैं, जबकि उन सैनिकों के आश्रितों (परिवारों) पर क्या बीत रही है, इसका उन्हें जरा भी ख्याल नहीं होता। यह सत्ता की संवेदनहीनता को दर्शाता है। 

 

3. “उसने कहा था” कहानी में सूबेदारनी द्वारा कहे गए “जो कहा था सो कर दिया” कथन का क्या महत्त्व है?

उत्तर: “उसने कहा था” कहानी में, यह कथन लहना सिंह के चरित्र की महानता को दर्शाता है। लहना सिंह ने सूबेदारनी को वचन दिया था कि वह उसके पति (सूबेदार) और बेटे (बोधा सिंह) की रक्षा करेगा। युद्ध के दौरान, लहना सिंह ने अपने जीवन का बलिदान देकर भी अपने वचन का पालन किया। यह कथन उसकी कर्त्तव्यनिष्ठा, त्याग और प्रेम की गहराई को स्पष्ट करता है, और पूरी कहानी का केंद्रीय भाव है। 

 

4. “जूठन” शीर्षक आत्मकथा में लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि ने दिन-रात मर-खपकर भी ‘पसीने की कीमत’ मात्र ‘जूठन’ क्यों कहा है?

उत्तर: इस कथन के माध्यम से लेखक ने दलित समाज की उस दयनीय स्थिति को उजागर किया है, जहाँ दिन-रात कठोर परिश्रम करने के बाद भी उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान नहीं मिलता था। उनके श्रम का मूल्य केवल बचा हुआ, जूठा भोजन (जूठन) होता था। यह कथन जातीय भेदभाव और शोषण की क्रूरता को दर्शाता है, जहाँ मेहनतकश लोगों की गरिमा को कुचला जाता था। 

 

5. उषा का जादू कैसा है ?

उत्तर:उषा का जादू अद्भुत और पल-पल बदलता है। सूर्योदय से पहले आकाश का रंग कभी शंख जैसा नीला, कभी राख से लिपे हुए चौके जैसा और कभी केसर से धुली हुई काली सिल जैसा दिखता है। जैसे ही सूर्योदय होता है, यह प्राकृतिक सौंदर्य (जादू) टूट जाता है।

 

6.जयप्रकाश नारायण कम्युनिस्ट पार्टी में क्यों नहीं शामिल हुए ?

उत्तर:जयप्रकाश नारायण (JP) लेनिन के समय में पक्के कम्युनिस्ट थे, लेकिन भारत लौटने पर वे कांग्रेस में शामिल हुए। इसका कारण यह था कि उस समय भारत गुलाम था और लेनिन का यह सिद्धांत था कि जो देश गुलाम हैं, वहाँ के कम्युनिस्टों को स्वतंत्रता की लड़ाई का नेतृत्व कर रही बुर्जुआ पार्टी (यहाँ कांग्रेस) का साथ देना चाहिए, न कि उससे अलग रहना चाहिए।

 

 

7.’बातचीत’ शीर्षक निबंध की क्या विशेषताएँ है ?

उत्तर:बालकृष्ण भट्ट द्वारा रचित यह निबंध ‘वाक-शक्ति’ के महत्व को बताता है। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं:

यह मनुष्य को अपनी अभिव्यक्ति का साधन बताती है।

एडिसन के अनुसार ‘असली बातचीत सिर्फ दो व्यक्तियों में हो सकती है’।

इसमें ‘आर्ट ऑफ कन्वर्सेशन’ (Art of Conversation) की चर्चा की गई है।

 

8. शिवाजी की तुलना भूषण ने किन-किन से की है?

उत्तर:महाकवि भूषण ने शिवाजी की तुलना इंद्र (यम पर), राम (रावण पर), परशुराम (सहस्त्रबाहु पर), चीता (मृगों पर), सिंह (हाथियों पर) और कृष्ण (कंस पर) से की है। उन्होंने शिवाजी को म्लेच्छ वंश (मुगल साम्राज्य) का विनाश करने वाला बताया है।

 

9.तुलसीदास को किस वस्तु की भूख है?

उत्तर:तुलसीदास को किस वस्तु की भूख है?

तुलसीदास को अपने आराध्य भगवान श्री राम की भक्ति रूपी अमृत के समान भोजन की भूख है। वे चाहते हैं कि राम की भक्ति उन्हें जन्म-जन्मांतर के लिए मिल जाए।


10. समूची दुनिया में जन-जन का युद्ध क्यों चल रहा है ?

उत्तर:समूची दुनिया में जन-जन का युद्ध क्यों चल रहा है?

पूंजीवादी व्यवस्था और शोषण के खिलाफ पूरी दुनिया के आम आदमी (जन-जन) एक हो गए हैं। यह युद्ध अन्याय, दमन और काले-गोरे के भेद को मिटाकर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए चल रहा है।

 

 

11.तुलसीदास ने दीनता और दरिद्रता दोनों का प्रयोग क्यों किया है ?

उत्तर:तुलसीदास ने ‘दीनता’ का प्रयोग अपनी मानसिक और आध्यात्मिक अवस्था (विनम्रता) के लिए किया है, जबकि ‘दरिद्रता’ का प्रयोग समाज में व्याप्त आर्थिक अभाव और दुर्दशा को दिखाने के लिए किया है। वे प्रभु के सामने विनम्र भी हैं और संसार के दुखों से दुखी भी।

 

12.उसने कहा था कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करें।

उत्तर:उसने कहा था’ शीर्षक की सार्थकता:

यह शीर्षक अत्यंत सार्थक और मर्मस्पर्शी है। पूरी कहानी लहना सिंह द्वारा सुबेदारनी को दिए गए उस वचन के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे उसने कहा था (“मेरे पति और बेटे की रक्षा करना”)। लहना सिंह ने अपने प्राण देकर भी ‘उसके’ कहे हुए शब्दों को निभाया।

 

 

13.पुत्र वियोग शीर्षक कविता का भावार्थ लिखें।

उत्तर:पुत्र वियोग कविता का भावार्थ:

सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित इस कविता में एक माँ का असामयिक पुत्र मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त हुआ है। माँ कहती है कि खिलौने, भगवान की पूजा और सब कुछ व्यर्थ है क्योंकि उसका ‘छौना’ (पुत्र) अब वापस नहीं आ सकता। यह एक हृदयविदारक करुण रस की कविता है।

 

14.’प्यारे नन्हें बेटे को शीर्षक कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:प्यारे नन्हें बेटे को’ का केंद्रीय भाव:

इस कविता का मूल भाव ‘लोहा’ की खोज है। लोहा केवल धातु नहीं है, बल्कि वह ‘कर्म’ का प्रतीक है। हर वह व्यक्ति जो मेहनत करता है और बोझ उठाता है, वह लोहा है। कवि श्रम की महत्ता को रेखांकित करता है।

 

15.अधिनायक शीर्षक कविता का केन्द्रीय भाव लिखें।

उत्तर:अधिनायक कविता का केंद्रीय भाव:

यह रघुवीर सहाय की एक व्यंग्य कविता है। इसमें सत्ताधारी वर्ग पर कटाक्ष किया गया है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी तानाशाह (अधिनायक) बना बैठा है। ‘हरचरना’ जैसे आम आदमी फटे-हाल होकर भी अनचाहे रूप से उस अधिनायक का गुणगान करने को मजबूर हैं।

 

16.’अर्धनारीश्वर’ शीर्षक पाठ में वर्णित प्रवृत्तिमार्ग और उत्तर:निवृत्तिमार्ग क्या

प्रवृत्तिमार्ग और निवृत्तिमार्ग:

प्रवृत्तिमार्ग: गृहस्थ जीवन को स्वीकार कर नारी को सम्मान देना और आनंद के साथ जीवन जीना।

निवृत्तिमार्ग: संसार का त्याग कर संन्यास लेना। निवृत्तिमार्गियों ने नारी को मुक्ति के मार्ग में बाधा माना।

17.गैंग्रीन’ क्या है ? ‘रोज’ शीर्षक कहानी के अनुसार उत्तर दें ।

उत्तर:गैंग्रीन एक खतरनाक बीमारी है जो कांटा चुभने या घाव के सड़ जाने से होती है। ‘रोज’ कहानी में मालती के पति महेश्वर इसी का ऑपरेशन करते हैं। अक्सर इस बीमारी में रोगी का हाथ या पैर काटना पड़ता है।

 

18.उसने कहा था’ शीर्षक कहानी के पात्रों की एक सूची तैयार करें ।

उत्तर:1.लहना सिंह (मुख्य पात्र/नायक)

2.सुबेदारनी (लहना सिंह का बचपन का प्रेम)

3.सूबेदार हजारा सिंह

4.बोधा सिंह (सूबेदार का बेटा)

5.वजीरा सिंह (विदूषक/सैनिक

 

19.राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?

उत्तर:रामधारी सिंह दिनकर का जन्म:

राष्ट्रकवि दिनकर का जन्म 23 सितंबर, 1908 को बिहार के बेगुसराय जिले के सिमरिया नामक गाँव में हुआ था।

 

 

20.दोहा’ छंद से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर:दोहा छंद से आप क्या समझते हैं?

दोहा एक अर्धसम मात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं। इसके पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ तथा दूसरे और चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।




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