Bihar Board Class 9 Semi Annual Exam October Hindi Question Paper With Answer
इस पोस्ट के माध्यम से अर्द्धवार्षिक परीक्षा (सितंबर) के नॉन हिंदी विषय के प्रश्न पत्र का PDF डाउनलोड कर सकते है । इसके साथ-साथ Objective और Subjective प्रश्नों का उत्तर भी डाउनलोड कर सकते है ।
9th Semi Annual Exam October 2025- EXAM CENTER
इस परीक्षा का आयोजन आपके विद्यालय के स्तर पर होगा। अर्थात की जिस भी विद्यालय में आपका नामांकन है। उसी में जाकर आपको परीक्षा देना पड़ेगा ।
प्रश्न पत्र कहां से आएगा ?
कक्षा 9th के (सितंबर) 2025 का प्रश्न पत्र आपके विद्यालय में सितम्बर माह तक पढ़ाए गए पाठ से प्रश्न आएगा
कॉपी का जांच कहां होगा ?
कक्षा 9th अर्द्धवार्षिक परीक्षा के कॉपी का मूल्यांकन आपके विद्यालय के स्तर पर ही होगा
NON HINDI OBJECTIVE ANSWER KEY
SUBJECTIVE ANSWER KEY
Q. 1 (ख) का प्रश्न–उत्तर
(i) ताँबा क्या है ?
Ans- ताँबा एक धातु है।
(ii) ताँबा ऊष्मा का क्या है ?
Ans- ताँबा ऊष्मा का अच्छा चालक है।
(iii) जल के साथ कौन अभिक्रिया नहीं करता ?
Ans- ताँबा जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता।
(iv) जंग लगना किसे कहते हैं ?
Ans– इस्पात को आर्द्र वायु या जल में रखने पर सतह पर लाल-भूरे पदार्थ की परत जम जाती है, इसे ही जंग लगना कहते हैं।
(v) ताँबा और टिन की मिश्रधातु का नाम क्या है ?
Ans- ताँबा और टिन की मिश्रधातु का नाम काँसा है।
Q. 2(ख) का प्रश्न-उत्तर
(i) केरल के मालाबार में किनके विद्रोह हुए थे ?
Ans- केरल के मालाबार में मोपलाओं के अनेक विद्रोह हुए थे ।
(ii) मोपला वर्ग-समूह में कौन-कौन शामिल थे ?
Ans- मोपला वर्ग-समूह में मुख्य रूप से छोटे किसान, भूमिहीन मजदूर और छोटे व्यापारी शामिल थे, जो तत्कालीन मालाबार क्षेत्र (वर्तमान केरल) के मूल निवासी मुस्लिम समुदाय से थे।
(Iii) विद्रोह किनके अत्याचारों के विरुद्ध हुआ था ?
Ans– मोपला विद्रोह मुख्य रूप से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और उसके द्वारा लाई गई कृषि संबंधी समस्याओं, जैसे उच्च जाति के हिंदू जमींदारों और साहूकारों द्वारा मोपला किसानों का शोषण और अत्याचार के विरुद्ध हुआ था। इसके साथ ही खिलाफत आंदोलन के प्रभाव के कारण धार्मिक और राजनीतिक असंतोष भी इसका एक कारण था।
(iii) मोपला विद्रोह किनके अत्याचारों के विरुद्ध हुआ था ?
Ans- मोपला विद्रोह भू-स्वामियों के अत्याचारों के विरुद्ध हुआ था ।
(iv) सबसे बड़ा मोपला विद्रोह कब हुआ था ?
Ans– 1921 में सबसे बड़ा मोपला विद्रोह हुआ था ।
(v) मोपलाओं ने किसको अपना राजा घोषित किया ?
Ans- मोपलाओं ने अली मुसालियार को अपना राजा घोषित कर धार्मिक उन्माद एवं हिंसा भड़काई ।
Q. 3 (i):देशप्रेम पर निबंध (200 शब्दों में)
Ans- देशप्रेम वह भावना है जो व्यक्ति को अपने मातृभूमि के प्रति समर्पण, सम्मान और निष्ठा के लिए प्रेरित करती है। यह एक ऐसी शक्ति है जो लोगों को अपने देश की उन्नति, एकता और सुरक्षा के लिए कार्य करने हेतु जागरूक करती है। जिस प्रकार एक बालक अपनी माँ से गहरा प्रेम करता है, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने देश से प्रेम करे।
देशप्रेम केवल युद्धभूमि में जाकर शत्रुओं से लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तो जीवन के हर क्षेत्र में प्रकट होता है। किसान जब खेतों में अन्न उगाता है, शिक्षक जब बच्चों को शिक्षा देता है, वैज्ञानिक जब नए आविष्कार करता है, सैनिक जब सीमा की रक्षा करता है तो ये सब देशप्रेम की ही अभिव्यक्तियाँ हैं।
हमारे स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीरों ने देशप्रेम का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान नेताओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर यह सिखाया कि सच्चा देशप्रेम त्याग और बलिदान की मांग करता है।
Q. 4 स्थानः स्कूल का प्रागण व्यक्तिः रोहित और प्रिया
Question no 4 का अथवा का उत्तर
रोहितः नमस्ते प्रिया ! तुमने सुना, स्कूल में हिंदी सप्ताह मनाया जा रहा है।
प्रियाः हाँ रोहित ! मुझे बहुत अच्छा लगता है कि हमारी राष्ट्रीय भाषा हिंदी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
रोहितः सही कहा। हिंदी केवल भाषा नहीं, हमारी संस्कृति और परंपरा को जानने का माध्यम भी है।
प्रियाः बिलकुल ! हिंदी जानने से हम देश के दूसरे राज्यों के लोगों से आसानी से बात कर सकते हैं।
रोहितः और यह हमें सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मदद करती है।
प्रियाः सही! हमें हिंदी को रोज़मर्रा में बोलना और पढ़ना चाहिए, ताकि यह मजबूत बनी रहे।
रोहितः हाँ प्रिया, चलो हम वादा करें कि हम हिंदी का सम्मान करेंगे आ इसे बढ़ावा देंगे।
प्रियाः हाँ, बिल्कुल !
Q. 6 प्रश्न वीर कुँवर सिंह का परिचय दें।
उत्तरः वीर कुँवर सिंह भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी थे। वे 1777 ईस्वी में बिहार के शाहाबाद जिले के बहादुरगंज में जन्मे। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ वीरता का अद्भुत परिचय दिया। अपनी उम्र के बावजूद वे सेना का नेतृत्व करके कई युद्धों में अंग्रेजों हारेe परास्त करने में सफल हुए। वे केवल योद्धा ही नहीं, बल्कि अपनी जनता के प्रनि संवेदनशील और निष्ठावान राजा भी थे। तीन कँनर सिंह ने देशभक्ति और साहस का पीत माता है। स्व केके लिए अपने प्राणों की आहुति दी का द्वार
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