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बिहार के सरकारी स्कूलों में एक दिन में तीन बार बनेगी बच्चों की हाजिरी... गुरु जी दो बार दिखाएंगे Android Tablets को चेहरा

बिहार के सरकारी स्कूलों में एक दिन में तीन बार बनेगी बच्चों की हाजिरी...... गुरु जी दो बार दिखाएंगे Android Tablets को चेहरा




Bihar News Android Tablets बिहार के सरकारी स्कूलों की दशा-दिशा सुधारने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने कोई कोर-कसर उठा नहीं रखा है। शिक्षा विभाग के नए प्रयोग के मुताबिक अगस्त महीने से बच्चों की आनलाइन हाजिरी बनेगी। इस क्रम में बच्चों को दिनभर में तीन बार उपस्थिति दर्ज करानी पड़ेगी।


Bihar News, Android Tablets जिले में अब अगले महीने अगस्त से शिक्षकों की ही तरह बच्चों की आनलाइन हाजिरी बनेगी। जिले के सभी सरकारी स्कूलों में 2932 टैबलेट उपलब्ध करायी गयी है। शिक्षकों की हाजिरी दिन में दो बार बनती है लेकिन बच्चों की हाजिरी दिन में तीन बार बनेगी। शिक्षा विभाग स्कूल में शैक्षणिक वातावरण निर्माण के लिए हर हमेशा नए- नए तरीके अपना रही है।शिक्षकों को आनलाइन हाजिरी प्रतिदिन बनानी पड़ रही है। उसी तरह अब स्कूल में अध्ययनरत बच्चों की भी आनलाइन हाजिरी बनेगी। शिक्षा विभाग ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। विभाग ने हर स्कूल को टेबलेट जुलाई माह में ही वितरित कर दिया गया है। जिसके लिए शिक्षकों सहित प्रधान को भी ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया गया है। बच्चों की आनलाइन हाजिरी ई शिक्षा कोष पाेर्टल पर ली जाएगी।













चेहरे को स्कैन करके बनेगी हाजिरी

ई शिक्षाकोष पोर्टल पर बच्चों के चेहरे को स्कैन करके हाजिरी लगेगी। साथ ही बच्चों की ही तरह शिक्षकों की भी हाजिरी इसी टेबलेट से बनेगी। इससे शिक्षकों को अलग अलग मोबाइल से फेस स्कैनिंग करने की जरूरत नहीं पडेगी। बच्चों की आनलाइन हाजिरी सुबह में स्कूल आने वक्त, टिफिन में और छुट्टी से पहले ली जाएगी। इससे बच्चों की उपस्थिति का भी आंकड़ा सही दिखने लगेगा। कई बार मध्याह्न भोजन योजना का आंकड़ा व बच्चों की भौतिक उपस्थिति में बड़ा फर्क दिखता है।

अगस्त माह से टैबलेट से बनेगी हाजिरी

लोगों का कहना है कि इस टैबलेट से बच्चों की उपस्थिति बनने से मध्याह्न भोजन में बच्चों का आंकड़ा काफी कम होने की उम्मीद है। इससे जहां मध्याह्न भोजन योजना में चल रही लूट की प्रवृति पर भी रोक लगेगी। कई बार अधिकारियों के निरीक्षण में देखा गया है कि मध्याह्न भोजन में बच्चों की संख्या काफी अधिक थी और भौतिक सत्यापन में बच्चे काफी कम दिखे। अब तो मध्याह्न भोजन के समय में ही बच्चों की हाजिरी बनेगी कि किन- किन बच्चों ने मध्याह्न भोजन योजना का लाभ लेने में सफल रहे।

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